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Festivals of Jharkhand || झारखण्ड राज्य के प्रमुख त्यौहार के नाम बताये || Important For Comptetive Exam

Festivals of Jharkhand :- हमारे आज आज के लेख का विषय “झारखण्ड राज्य के प्रमुख त्यौहार” के बारे में है। झारखण्ड भारत का एक राज्य है, रांची इसकी राजधानी है। इस राज्य का सबसे बड़ा शहर जमशेदपुर है। झारखण्ड शब्द दो शब्दों का मेल है झार और खंड, जिससे झार का अर्ध है जंगलो से, और खंड का अर्ध है टुकड़ा।Festivals of Jharkhand

वनों के अधिकता के कारण ही इस राज्य का नाम झारखण्ड रखा गया। इस राज्य की स्थापना १५ नवम्बर २००० को की गयी थी। यहाँ का राज्य पक्षी कोयल और राज्य फूल पलास है।आज हम जानेंगे झारखण्ड राज्य के प्रमुख त्यौहार के बारे मैं, जैसे की करमा,फगुआ,धान बुनी,मंडा आदि। Festivals of Jharkhand

झारखण्ड में मनाने वाले प्रमुख पर्व और त्यौहार:

झारखंड राज्य में हर त्यौहार पुरे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है, झारखण्ड में निम्न त्यौहार मनाया जाता है: Festivals of Jharkhand

सरहुल:

यह त्यौहार आदिवासी का प्रमुख त्यौहार माना जाता है,यह पर्व कृषि कार्य से प्रारंभ करने से पर्व मनाया जाता है। इसमें सखुआ की डाल की पूजा की जाती है,इस पर्व के दिन दूर दूर रहने वाले आदिवासी अपने घर चले जाते है,लड़कियां भी अपने मायके चले जाती है,सैहुल त्यौहार धरती माता को समर्पित है।सरहुल फूल का विसर्जन संथाल जनजातियो में यह पर्व क्रमश सरहुल,बाहा के नाम से जाना जाता है। यह झारखण्ड राज्य के प्रमुख त्यौहार में से एक है Festivals of Jharkhand

झारखण्ड राज्य के प्रमुख त्यौहार_Sarhul

करमा:

करमा झारखण्ड का ही नही बल्कि बिहार,पुश्चिम बंगाल,और छत्तीसगढ़ का भी एक प्रमुख त्यौहार है।करमा पर्व भादों महिना के शुक्ल पक्ष एकादशी के दिन मनाया जाता है। इस पर्व में बहने अपने भाइयो की सुख समृधि के लिए कामना करती है, यह पर्व तीन दिनों तक चलता है. इस दिन बहने उपवास भी करती है।इस पर्व पर आदिवासी प्रक्रति की पूजा क्र आचे फसल की कामना करते है।करमा पर झारखण्ड के आदिवासी ढोल और मांदर की थाप पर झूमते गाते है. करमा के दो प्रकार के नृत्य है- भानुसारी और भानुसारी। Festivals of Jharkhand

फगुआ:

यह वसंत उत्सव या होली के अवसर का नृत्य है।आदिवासी बहुल गुमला में रंगों का त्यौहार होली फगुआ नाम से जाना जाता है. यह होली का झारखंडी रूप है, यह पूजा आधी रात तक चलती है. चारो ढोल, नगाड़े, व मांदर गाते बजते भोर क्र देते है, सुभ उसी राख का टिका लगाया जाता है। Festivals of Jharkhand

झारखण्ड राज्य के प्रमुख त्यौहार_Fagua

नवाखानी:

यह करमा त्यौहार के बाद भादों महीने में मनाया जाता है,यह त्यौहार आदिवासी और सदन दोनों मनाते है। इस त्यौहार में दही चुरा खाने की परम्परा है।कर्मा पर्व के बाद नया अनाज गंदोली धान पक जाता है,इसे घर लाकर इसका चिवड़ा बनाया जाता है।उसे देव पितरो को अर्पित करने के बाद दही के साथ ग्रहण किया जाता है। Festivals of Jharkhand

झारखण्ड राज्य के प्रमुख त्यौहार_Navakhani

धान बुनी:

आदिवासियों और सदान इसे त्यौहार के रूप में मानते है.इसमें हड्डिया का तपान तथा प्रसाद चलता है, मंदा के दिन ही नए बांस की टोकरी तथा धोती में धान ले जाकर खेत जोत कर बोया जाता है। धान को खेत में बोना ही धान बुनी कहलाती है। Festivals of Jharkhand

भागता परब:

यह गर्मी के मौसम में वसंत के आगमन के बाद मनाया जाता है।इसे बुढा बाबा के नाम से भी जाना जाता है,इस त्यौहार में लोग उपवास रखते है और पुजारी को कंधे पर उठाकर पूजा स्थल तक ले जाते है। यह त्यौहार के आस पास के क्षेत्रो में अधिक लोकप्रिय है। Festivals of Jharkhand

जानी शिकार:

यह हर १२ साल में एक बार आयोजित किया जाता है, यह झारखण्ड राज्य के प्रमुख त्यौहार में से एक है इसमें महिलाए पुरुषो के कपडे पहनती है और जंगल में शिकार के लिए जाती है। वे रास्ते में मिलने वाले सभी जानवरों का शिकार करती है।आदिवासियों की बोलचाल में महिलाओं को जनी कहते है. महिलाओं को हमेशा कोमल और नाजुक समझा है और उन्हें लगातर इसी छवि में ढाले रखना चाहा है, इस मानसिकता से लड़ते हुए महिलाओं ने भी अपना लोहा मनवाया है, इस जनी शिकार में महिलाओं की ताकत और होसला दर्शाता है. प्राचीन में महिला आदिवासी ने खूब संघर्ष किये थे, यह त्यौहार महिलाओं का गौरव का प्रतिक है। Festivals of Jharkhand

सोहराय:

इस त्यौहार का मुख्य उद्देश्य गाय और बैलो को खुश करना है, सोहराय के पर्व में पशुओ को माता लक्ष्मी की तरह पूजा जाता है, यह त्यौहार झारखंड के हर जीले में मनाया जाता है. सोहराय पर्व को लेकर उत्सवी माहोल के बिज वन्य जीवो की पूजा की तयारी चलती है।यह त्योहारी आदिवासी का महापर्व कहा जा सकता है। इस त्यौहार मनाने का कारन यह है की, पशु वो प्राणी है जो बेजुबान तो है ही साथ ही इनकी मेहनत में खेतो में फसल लहलाती है, और इसी तरह खेत लहराते रह यही कामना करते हुए यह त्यौहार मनाया जाता है। Festivals of Jharkhand

टुसू पर्व:

यह त्यौहार सूर्य से सम्बंधित है,इस त्यौहार में सूर्य देव की पूजा अर्चना बड़ी धूम धाम से की जाती है. इस पर्व में लकड़ीयो के द्वारा रंगीन कागज से लकड़ी या बाद एक फ्रेम सजाया जाता है, तथा इसे पाहाडी क्षेत्रो में प्रवाहित किसी नदी को भेंट दिया जाता है।मकर सक्रांति से शुरू होने वाला पर्व सामंता एक माह तक चलता है, और झारखंड के आदिवासियों में टुसू पर्व मकर पर्व पूस पर्व के नाम से भी जाना जाता है। Festivals of Jharkhand

निष्कर्ष(झारखण्ड राज्य के प्रमुख त्यौहार):

हमने इस लेख के जरिये झारखण्ड राज्य के प्रमुख त्यौहार के बारे में विस्तार से बताया है. झारखंड राज्य प्राचीन काल के संदर्भ में बहुत मायने रखता है, इस राज्य में सभी त्यौहार हर्ष और उल्लास से बनाया जाता है. झारखंड में कुल 32 जनजातियाँ मिलकर रहती है. आशा करते है आपने यह लेख पूरा पढ़ कर इस विषय की पूरी जानकारी प्राप्त की होगी.

FAQ:

झारखण्ड में चार दिन तक कोन सा त्यौहार मनाया जाता है?

सरहुल।

कोनसा त्यौहार आदिवासी महिलाये शिकार करके मनाती है?

जनी शिकार।

सोहराय पर्व क्यों मनाया जाता है?

बैलो को खुश करने के लिए।

झारखंड में कुल कितनी जनजातियाँ मिलकर रहती है?

३२.

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